H1N1 स्वाइन फ्लू: सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल जाएं, IMA ने जारी की एडवाइजरी

भारत में H1N1 स्वाइन फ्लू के मौसमी बढ़ते मामलों के बीच IMA ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक-एंटीवायरल दवा न लेने और गंभीर लक्षणों पर तुरंत इलाज लेने की सलाह दी गई है… भारत में इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) यानी

भारत में H1N1 स्वाइन फ्लू के मौसमी बढ़ते मामलों के बीच IMA ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक-एंटीवायरल दवा न लेने और गंभीर लक्षणों पर तुरंत इलाज लेने की सलाह दी गई है…

भारत में इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मौसमी मामलों में बढ़ोतरी के बीच भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। IMA के मुताबिक, फ्लू के ज्यादातर मामले हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सांस लेने में परेशानी को न करें नजरअंदाज

IMA के अनुसार, अगर H1N1 संक्रमण के दौरान सांस लेने में परेशानी, सांस फूलना या बहुत तेजी से सांस चलना जैसी समस्या हो तो तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए। इसके अलावा सीने में दर्द या लगातार दबाव महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकता है।

होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना, खांसी के साथ खून आना, अत्यधिक कमजोरी या असामान्य रूप से ज्यादा नींद आना जैसे लक्षण दिखाई देने पर भी मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई है।

भ्रम या दौरे पड़ना भी गंभीर संकेत

IMA ने बताया कि मरीज में भ्रम की स्थिति, अत्यधिक उनींदापन या दौरे पड़ना भी गंभीर चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों की स्थिति में घर पर इलाज करने या स्थिति के अपने आप ठीक होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।

लगातार उल्टी होना और पर्याप्त मात्रा में पानी या अन्य तरल पदार्थ न ले पाना भी चिंता का विषय है। ऐसी स्थिति में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ सकता है और चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

मौसमी H1N1 को लेकर घबराने की जरूरत नहीं

IMA ने अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह में कहा है कि भारत में H1N1 के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, संगठन ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने की अपील की है।

चिकित्सकीय संस्था के मुताबिक, अधिकांश फ्लू संक्रमण हल्के होते हैं और समय के साथ ठीक हो सकते हैं। हालांकि, बुजुर्गों, छोटे बच्चों और अन्य जोखिम वाले लोगों में संक्रमण गंभीर होने की आशंका अधिक हो सकती है। इसलिए लक्षणों पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

बिना सलाह दवाएं लेने से बचें

IMA ने लोगों को फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर खुद से एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने की सलाह दी है। वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक सामान्य तौर पर वायरस पर असर नहीं करते। किसी दवा की जरूरत है या नहीं, इसका निर्णय योग्य डॉक्टर मरीज की स्थिति और चिकित्सकीय जांच के आधार पर कर सकते हैं।

IMA की अपील- सावधानी जरूरी, लेकिन पैनिक नहीं

IMA ने लोगों से मौसमी संक्रमण के दौरान साफ-सफाई रखने, स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों पर ध्यान देने और गंभीर संकेत दिखाई देने पर समय पर चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।

IMA का संदेश है कि H1N1 के बढ़ते मौसमी मामलों के बीच सतर्क रहना जरूरी है, लेकिन अनावश्यक रूप से घबराने की जरूरत नहीं है। गंभीर लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार से स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

Facebook
X
Threads
WhatsApp
Telegram
संबंधित खबरें.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

अभी-अभी.