नेमरा (रामगढ़), 13 अक्टूबर। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी दिवंगत मां रूपी सोरेन के श्राद्धकर्म के दौरान पारिवारिक और पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन कर रहे हैं। मंगलवार को रामगढ़ जिले के नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास पर उन्होंने मां की स्मृति में निर्धारित पारंपरिक रस्में निभाईं। इस दौरान उन्होंने दातून, पानी और भोजन अर्पित करने की रस्म पूरी की।
मुख्यमंत्री ने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ स्थानीय सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुरूप धार्मिक-सांस्कृतिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। उन्होंने अपनी दिवंगत मां को श्रद्धापूर्वक याद किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।

पैतृक आवास पर पारंपरिक विधि-विधान
नेमरा स्थित पैतृक आवास पर श्राद्धकर्म से जुड़े अनुष्ठान पारिवारिक परंपराओं के अनुसार संपन्न हो रहे हैं। इस दौरान दातून, पानी और भोजन अर्पित करने की रस्म का विशेष महत्व रहा। मुख्यमंत्री ने इन परंपराओं का पालन करते हुए अपनी मां के प्रति श्रद्धा और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया।
श्राद्धकर्म भारतीय सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं में दिवंगत परिजनों के स्मरण और सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। अलग-अलग समुदायों और परिवारों में इससे संबंधित रीति-रिवाज अलग हो सकते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी अपने परिवार की परंपरा के अनुसार इन रस्मों का निर्वहन किया।



