नई दिल्ली/लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ भारत के अगले मुख्य न्यायाधीश (CJI) बनने जा रहे हैं। मौजूदा न्यायिक वरिष्ठता क्रम के अनुसार वह 10 फरवरी 2027 को भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाल सकते हैं। उनका कार्यकाल करीब सात महीने का होगा और वह 23 सितंबर 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।
जस्टिस विक्रम नाथ के अगले CJI बनने की खबर से उत्तर प्रदेश, खासकर लखनऊ विश्वविद्यालय और शिया पीजी कॉलेज से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। उन्होंने वर्ष 1986 में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शिया पीजी कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। करीब चार दशक बाद उनके देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचने से उनके पुराने शिक्षण संस्थान का नाम भी चर्चा में है।
शिया पीजी कॉलेज से शुरू हुआ कानून का सफर
जस्टिस विक्रम नाथ का लखनऊ से गहरा संबंध रहा है। उन्होंने 1986 में शिया पीजी कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद 30 मार्च 1987 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया और इलाहाबाद हाईकोर्ट में 17 साल से अधिक समय तक वकालत की।
लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्ष 2018 में उन्हें विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया था। 15 अप्रैल 2022 को शिया पीजी कॉलेज की नई इमारत के उद्घाटन कार्यक्रम में भी उन्होंने अपने छात्र जीवन से जुड़ी यादें साझा की थीं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
जस्टिस विक्रम नाथ का न्यायिक सफर वर्ष 2004 में शुरू हुआ, जब उन्हें 24 सितंबर 2004 को इलाहाबाद हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया। 27 फरवरी 2006 को उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट में करीब 15 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्हें 10 सितंबर 2019 को गुजरात हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
इसके बाद 31 अगस्त 2021 को वह सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बने। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, जस्टिस नाथ का जन्म 24 सितंबर 1962 को हुआ था और वह 23 सितंबर 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।
गुजरात हाईकोर्ट में शुरू कराई कोर्ट की लाइव स्ट्रीमिंग
जस्टिस विक्रम नाथ के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण पहल अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग रही। गुजरात हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में उन्होंने कोर्ट की कार्यवाही को लाइव स्ट्रीम करने की शुरुआत की। सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक प्रोफाइल के मुताबिक, वह भारत के किसी हाईकोर्ट के पहले मुख्य न्यायाधीश थे जिन्होंने कोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता की पहुंच बढ़ाना था।
न्यायिक प्रशासन में भी निभाई अहम जिम्मेदारियां
सुप्रीम कोर्ट में जज के तौर पर जस्टिस विक्रम नाथ ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभाली हैं। वह सुप्रीम कोर्ट की ई-कमिटी के चेयरपर्सन हैं और मई 2025 से न्यायपालिका में सूचना एवं संचार तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी गतिविधियों की देखरेख कर रहे हैं।
24 नवंबर 2025 को उन्होंने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभाला। वह सुप्रीम कोर्ट की Mediation and Conciliation Project Committee के चेयरमैन भी हैं।
पत्नी प्रो. संगीता श्रीवास्तव हैं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी
जस्टिस विक्रम नाथ का परिवार भी शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा है। उनकी पत्नी प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। जस्टिस नाथ के अगले CJI बनने की खबर के साथ उनके पारिवारिक और शैक्षणिक जुड़ाव की भी चर्चा हो रही है।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग की उपलब्धि भी चर्चा में
जस्टिस विक्रम नाथ की प्रस्तावित CJI नियुक्ति ने लखनऊ विश्वविद्यालय के लॉ विभाग और शिया पीजी कॉलेज को भी सुर्खियों में ला दिया है। लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने न्यायिक क्षेत्र में लंबा सफर तय किया और अब देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचने जा रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के लॉ विभाग का इतिहास भी काफी पुराना और महत्वपूर्ण रहा है। जस्टिस विक्रम नाथ की उपलब्धि को विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की उपलब्धियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
कब संभालेंगे CJI का पद?
मौजूदा वरिष्ठता क्रम और प्रकाशित न्यायिक उत्तराधिकार सूची के अनुसार, जस्टिस विक्रम नाथ 10 फरवरी 2027 को CJI पद संभाल सकते हैं। उनका कार्यकाल 23 सितंबर 2027 तक रहेगा, जिसके बाद वह सेवानिवृत्त होंगे। इसके बाद वर्तमान वरिष्ठता क्रम के अनुसार जस्टिस बी.वी. नागरत्ना का नाम CJI पद के लिए निर्धारित क्रम में आता है।
सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट फिलहाल जस्टिस विक्रम नाथ को मौजूदा न्यायाधीश के रूप में सूचीबद्ध करती है और उनकी सेवानिवृत्ति की तारीख 23 सितंबर 2027 बताती है।



