Palamu News: करमा पूजा के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान झारखंड के पलामू में बड़ा हादसा हो गया। कोयल नदी में पांच लोगों के डूबने की घटना सामने आई है। वहीं, पाटन थाना क्षेत्र में भी एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई। पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान हादसा पलामू: करमा पूजा के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान बुधवार को
Palamu News: करमा पूजा के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान झारखंड के पलामू में बड़ा हादसा हो गया। कोयल नदी में पांच लोगों के डूबने की घटना सामने आई है। वहीं, पाटन थाना क्षेत्र में भी एक किशोरी की डूबने से मौत हो गई।
पलामू में करम डाली विसर्जन के दौरान हादसा
पलामू: करमा पूजा के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान बुधवार को पलामू जिले में अलग-अलग घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई। चैनपुर थाना क्षेत्र में कोयल नदी में करम डाली विसर्जन के दौरान पांच लोग डूब गए। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक चार लोगों के शव बरामद किए गए, जबकि एक युवक की तलाश जारी थी।
इसी दौरान पाटन थाना क्षेत्र में करम डाली विसर्जन के दौरान 15 वर्षीय किशोरी की डूबने से मौत हो गई। घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी।
कोयल नदी में पांच लोग डूबे
चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया-पतरिया गांव के पास कोयल नदी में करमा पूजा की सामग्री विसर्जित करने के दौरान हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि विसर्जन के दौरान पांच लोग नदी के गहरे पानी में चले गए।
स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से बचाव अभियान चलाया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार चार शव बरामद किए गए थे, जबकि एक व्यक्ति की तलाश जारी थी। स्थानीय रिपोर्टों में नदी के तेज बहाव और गहराई को हादसे की वजहों में बताया गया है।
पाटन में 15 वर्षीय किशोरी की मौत
पाटन थाना क्षेत्र में भी करम डाली विसर्जन के दौरान हादसा हुआ। रिपोर्ट के अनुसार तीन बालिकाएं गहरे पानी में चली गईं। इनमें 15 वर्षीय रिंकी कुमारी की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य को स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
इस घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
झारखंड में करमा पूजा के दौरान पहले भी हुए हैं हादसे
करमा पूजा के दौरान जलस्रोतों में विसर्जन के समय डूबने की घटनाएं झारखंड में पहले भी सामने आती रही हैं। उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों के आधार पर 2018 से 2026 के बीच कम से कम 33 मौतें ऐसे हादसों में दर्ज होने का दावा किया गया है।
हालांकि, यह सरकारी समेकित आंकड़ा नहीं है। यह विभिन्न वर्षों में प्रकाशित घटनाओं को जोड़कर तैयार किया गया न्यूनतम आंकड़ा है।
करमा पूजा से जुड़े डूबने के हादसों का सालवार आंकड़ा
वर्ष
दर्ज मौतें
प्रमुख घटनाएं
2018
3
पलामू में करमा पूजा सामग्री विसर्जन के दौरान तीन किशोरियों की मौत
2020
2
पलामू में दो अलग-अलग घटनाओं में दो बच्चों की मौत
2021
8
लातेहार में करम डाली विसर्जन से जुड़े हादसे
2022
2
रामगढ़ में दामोदर नदी में दो बहनों की मौत
2023
9
गिरिडीह, हजारीबाग और धनबाद में अलग-अलग हादसे
2025
4
गढ़वा, हजारीबाग और धनबाद में मौतें
2026
5*
पलामू में करम डाली विसर्जन से जुड़े हादसे
*2026 का आंकड़ा 23 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या को लेकर अंतर है।
2021 में लातेहार में हुआ था बड़ा हादसा
करमा पूजा के दौरान डूबने की घटनाओं में 2021 का लातेहार हादसा प्रमुख रहा था। रिपोर्टों के अनुसार बुकरू गांव में करम डाली विसर्जन के दौरान सात लड़कियां डूब गई थीं। उसी दिन जिले में एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इस तरह उस दौरान लातेहार में कुल आठ मौतें दर्ज की गई थीं।
2023 में तीन जिलों में हुए थे हादसे
2023 में भी करमा पूजा के दौरान झारखंड के कई जिलों में डूबने की घटनाएं सामने आई थीं। उपलब्ध घटनाओं के संकलन के मुताबिक गिरिडीह, हजारीबाग और धनबाद में हुए अलग-अलग हादसों में कुल नौ लोगों की मौत हुई थी।
इन घटनाओं में कई बच्चे भी शामिल थे।
करमा पूजा के दौरान क्यों बढ़ जाता है हादसे का खतरा?
करम डाली और पूजा सामग्री के विसर्जन के लिए लोग नदी, तालाब और अन्य जलस्रोतों तक जाते हैं। बारिश के मौसम के बाद कई जलस्रोतों में पानी का स्तर और बहाव बढ़ा हुआ रहता है। ऐसे में तेज धारा, गहराई, फिसलन और पानी के अंदर अचानक बदलती स्थिति हादसे का कारण बन सकती है।