पीएम मोदी ने 1,500 से ज्यादा जगहों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करने और नए खेलों में भारत की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया…
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशभर में 1,500 से अधिक स्थानों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारत के खेल भविष्य, ओलंपिक में भागीदारी और युवाओं की खेलों में बढ़ती भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को ओलंपिक में अपनी भागीदारी और मजबूत करनी होगी। उन्होंने कहा कि कई ऐसे खेल हैं, जिनमें अब तक भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देशों के खिलाड़ी इन खेलों में पदक जीत रहे हैं। ऐसे में 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की जरूरत है।
15 अगस्त को रखा था स्पोर्ट्स विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने 15 अगस्त को देश के सामने भारत का स्पोर्ट्स विजन रखा था। यह विजन केवल ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विकसित भारत के निर्माण और देश की खेल शक्ति को मजबूत करना है।
उन्होंने युवाओं को खेलों से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि भारत के हर जिले में खेल प्रतिभाएं मौजूद हैं। जरूरत है कि इन प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
‘जो खेले, वो खिले’, स्क्रीन से ज्यादा मैदान जरूरी
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वह हमेशा कहते हैं—‘जो खेले, वो खिले।’ उन्होंने कहा कि आज युवाओं को स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने के बजाय स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल केवल मेडल जीतने का माध्यम नहीं है, बल्कि इससे अनुशासन, आत्मविश्वास, मानसिक मजबूती और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा मिलता है। हर युवा की खेलों में भागीदारी भारत की ताकत को बढ़ाएगी।
ओलंपिक में नए खेलों में बढ़ानी होगी भागीदारी
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ओलंपिक में नए खेलों में भी अपनी भागीदारी बढ़ानी होगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि देश की लंबी समुद्री तटरेखा होने के बावजूद सर्फिंग जैसे खेलों में भारत अभी पीछे है।
उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है कि नए खेलों पर भी ध्यान दिया जाए और खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए उचित अवसर दिए जाएं।
2036 ओलंपिक के लिए अभी से तैयारी पर जोर
पीएम मोदी ने 2036 ओलंपिक को भारत के खेल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य बताते हुए कहा कि इसके लिए अभी से खिलाड़ियों को तैयार करना होगा। इसके लिए मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाओं और प्रतिभाओं की पहचान पर जोर देना होगा।
उन्होंने युवाओं से खेलों को लेकर नए विचार और सुझाव देने की भी अपील की।
‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवा दे सकेंगे सुझाव
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार मजबूत खेल इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद के जरिए युवा खेल, स्पोर्ट्स गवर्नेंस और विकसित भारत से जुड़े विषयों पर अपने सुझाव दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के विचार और उनकी भागीदारी देश की खेल नीति को नई दिशा देने में मदद कर सकती है।
पैरा एथलीट्स की सफलता से नई उम्मीद
प्रधानमंत्री ने पैरा एथलीट्स की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पैरा खिलाड़ियों की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद पैदा करती है।
पीएम मोदी ने शीतल देवी और अवनी लेखरा की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रदर्शन ने देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने झंडू कुमार समेत अन्य पैरा एथलीट्स की भी सराहना की।
उन्होंने उम्र को लेकर भी खेल और फिटनेस की अहमियत पर जोर देते हुए फौजा सिंह का उदाहरण दिया और कहा कि फिटनेस के प्रति समर्पण प्रेरणा देने वाला है।
खेलों में बन रहे नए करियर विकल्प
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक खेलों की दुनिया में तेजी से बदलाव ला रही है। अब खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं रह गए हैं। स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, न्यूट्रिशन, फिटनेस, डेटा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए नए करियर विकल्प सामने आ रहे हैं।
उन्होंने युवाओं से इन नए अवसरों को पहचानने और खेलों के क्षेत्र में नए विचारों के साथ आगे बढ़ने की अपील की।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया बोले- सोच में आया बड़ा बदलाव
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। उन्होंने कहा कि देश में खेलों को लेकर सबसे बड़ा बदलाव केवल स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है, वहीं दूसरी तरफ नई पीढ़ी के खिलाड़ी तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं।
कई दिग्गज खिलाड़ी भी कार्यक्रम में शामिल
‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ कार्यक्रम में भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा सहित कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता शामिल हुए।
कार्यक्रम में मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी रही।
कॉमनवेल्थ गेम्स के पदक विजेताओं से भी मिल चुके हैं पीएम
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की थी। पीएम ने खिलाड़ियों के साथ हुई मुलाकात की एक रील भी सोशल मीडिया पर साझा की थी।
अब खेलो इंडिया संवाद के जरिए प्रधानमंत्री ने देशभर के युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल बातचीत कर भारत के खेल भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया।



