Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। मेन रोड स्थित फ्लाईओवर (ओवरब्रिज) के पास बनी अवैध दुकानों और अन्य अतिक्रमणकारी संरचनाओं को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल मच गई। वहीं, कुछ दुकानदारों और संपत्ति मालिकों ने कार्रवाई के तरीके और पर्याप्त समय नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए हैं।
रांची मेन रोड में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
रांची नगर निगम की ओर से सड़क चौड़ीकरण और अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, ओवरब्रिज के पास स्थित कई दुकानों और व्यावसायिक निर्माणों को चिह्नित किया गया था। निगम की ओर से जारी नोटिस के आधार पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
कार्रवाई के दौरान ‘कॉप्स इटली’ (Cops Itally) नामक कपड़े की दुकान समेत अन्य अतिक्रमण वाली संरचनाओं को बुलडोजर से गिरा दिया गया। देखते ही देखते कई निर्माण मलबे में तब्दील हो गए।
दुकानदारों ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों और संपत्ति मालिकों ने प्रशासन की कार्यशैली पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
स्थानीय संपत्ति मालिक वीरेंद्र प्रधान के मुताबिक, वे सरकारी कार्रवाई और कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अचानक हुई कार्रवाई के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि दुकान में रखे सामान का करीब एक लाख से डेढ़ लाख रुपये तक का नुकसान हुआ।
उनका कहना है कि यदि दो दिन का अतिरिक्त समय मिल जाता, तो वे स्वयं अतिक्रमण हटा सकते थे और सामान को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर सकते थे।
तय सीमा से अधिक तोड़फोड़ का आरोप
कुछ दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें केवल 15 फीट तक पीछे हटने या निर्धारित हिस्से को हटाने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, उनके अनुसार कार्रवाई के दौरान इससे अधिक हिस्से में तोड़फोड़ की गई।
वहीं, कुछ लोगों ने सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश (Stay Order) का हवाला देते हुए भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। इन आरोपों और न्यायालय के आदेश से संबंधित दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
नगर निगम ने क्या कहा?
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना और सड़क किनारे यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण होने से आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है।
नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर में अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत उठाए गए कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, प्रभावित दुकानदारों की ओर से उठाए गए सवालों पर संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक पक्ष के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।
रांची में आगे भी जारी रह सकता है अतिक्रमण हटाओ अभियान
रांची में सड़क किनारे अवैध निर्माण और अतिक्रमण यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। नगर निगम की कार्रवाई के बाद अब अन्य इलाकों में भी अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर लोगों की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं।
इस कार्रवाई से जहां सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रशासनिक कोशिश सामने आई है, वहीं प्रभावित दुकानदारों ने समय, नुकसान और तोड़फोड़ की सीमा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान नियमों के पालन और प्रभावित लोगों की आपत्तियों का निष्पक्ष समाधान महत्वपूर्ण होगा।
(नोट: यह खबर उपलब्ध विवरण के आधार पर तैयार की गई है। न्यायालय के स्थगन आदेश, तोड़फोड़ की निर्धारित सीमा और नुकसान के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है।)



