रांची नगर निगम के सफाई मजदूरों की मांगों को लेकर झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन 25 सितंबर को श्रमायुक्त कार्यालय का घेराव करेगी। 18 सितंबर को श्रमायुक्त के साथ वार्ता प्रस्तावित है।
Ranchi Safai Workers Protest: 25 सितंबर को श्रमायुक्त कार्यालय का घेराव, जानें मजदूरों की मांगें…
रांची, 9 सितंबर। रांची नगर निगम के सफाई मजदूरों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन ने आंदोलन का ऐलान किया है। यूनियन 25 सितंबर को श्रमायुक्त कार्यालय का घेराव और प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय बुधवार को हटिया मजदूर यूनियन के धुर्वा सेक्टर-2 स्थित कार्यालय में हुई बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह ने की, जबकि संचालन प्रफुल्ल लिंडा ने किया।
18 सितंबर को श्रमायुक्त के साथ प्रस्तावित वार्ता
यूनियन के अध्यक्ष भवन सिंह और महासचिव प्रकाश टोप्पो ने कहा कि सफाई मजदूर अपने अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर आंदोलन के लिए मजबूर हैं।
भवन सिंह ने बताया कि मजदूरों की मांगों को लेकर उप श्रमायुक्त, रांची की मौजूदगी में नगर निगम के पदाधिकारियों और यूनियन के बीच पहले लिखित समझौता हुआ था। यूनियन का आरोप है कि समझौते में शामिल अधिकांश मांगों को अब तक लागू नहीं किया गया है। इससे मजदूरों में नाराजगी है।
समझौते को लागू कराने के लिए 18 सितंबर को श्रमायुक्त के साथ वार्ता प्रस्तावित है।
वार्ता विफल हुई तो 25 सितंबर को होगा प्रदर्शन
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि 18 सितंबर की वार्ता विफल रहती है और लंबित मांगों पर तत्काल कार्रवाई नहीं होती है, तो 25 सितंबर को श्रमायुक्त कार्यालय का जोरदार घेराव और प्रदर्शन किया जाएगा।
यूनियन नेताओं ने कहा कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
सफाई मजदूरों की प्रमुख मांगें
झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन ने सफाई मजदूरों के लिए कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- सफाई मजदूरों के लिए 18 हजार रुपये न्यूनतम मासिक वेतन लागू करना।
- राष्ट्रीय पर्वों पर मजदूरों को अवकाश देना।
- वार्षिक अर्जित अवकाश की सुविधा लागू करना।
- महिला मजदूरों को मातृत्व अवकाश का लाभ देना।
- दशहरा से पहले बोनस का भुगतान करना।
- 10 वर्षों से कार्यरत मजदूरों को स्थायी करना।
- ए टू जेड कंपनी के समय वर्ष 2013 की बकाया मजदूरी का भुगतान करना।
समझौता लागू नहीं होने से मजदूरों में नाराजगी
यूनियन नेताओं के अनुसार, पहले हुए लिखित समझौते के बावजूद अधिकांश मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। मजदूरों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए अब निर्णायक आंदोलन करना जरूरी हो गया है।
यूनियन ने प्रशासन और नगर निगम से मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समय रहते समाधान की दिशा में कदम उठाने की अपील की है।



