Ranchi News: अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद ने मनाया संस्कृत दिवस, भाषा के संरक्षण पर हुई चर्चा
रांची के कटहल मोड़ स्थित कोटा टैलेंट अकादमी में अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद झारखंड प्रदेश ने संस्कृत दिवस मनाया। कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व और संरक्षण पर चर्चा हुई…
Ranchi News: अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, झारखंड प्रदेश के तत्वावधान में शनिवार को रांची के कटहल मोड़ स्थित कोटा टैलेंट अकादमी में संस्कृत दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व, उसके संरक्षण और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। समारोह में मैथिली समाज के कई गणमान्य लोग और परिषद के पदाधिकारी मौजूद रहे।

गोसाउनिक गीत से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत गोसाउनिक गीत ‘जय जय भैरवी असुर-भयावनी, पशुपति भामिनी माया’ से हुई। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। पूरे कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, झारखंड प्रदेश के महासचिव अजय झा ने किया, जबकि परिषद के कोषाध्यक्ष बिलट पोद्दार ने आगंतुकों का स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद, झारखंड प्रदेश के अध्यक्ष अमरनाथ झा ने की।
मुख्य अतिथि डॉ. धनाका ठाकुर हुए सम्मानित
समारोह के मुख्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय मैथिली परिषद के संस्थापक डॉ. धनाका ठाकुर को पाग और दोपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया। परिषद की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान रांची इकाई के उपाध्यक्ष राजकुमार पोद्दार और संयुक्त सचिव यतीन्द्र लाल दास ने युगल रूप में स्वागत गान प्रस्तुत किया।
संस्कृत भाषा के महत्व पर वक्ताओं ने रखे विचार
संस्कृत दिवस के अवसर पर परिषद के वरिष्ठ सदस्यों ने संस्कृत भाषा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ सदस्य अधिवक्ता गौरी शरण झा, प्रभास मिश्र, डॉ. अशोक झा और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक बी.एन. मिश्र ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
वक्ताओं ने कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति की महत्वपूर्ण भाषा रही है। इसके संरक्षण और नई पीढ़ी तक इसके महत्व को पहुंचाने की आवश्यकता है।
संस्कृत को जीवन में अपनाने की अपील
मुख्य अतिथि डॉ. धनाका ठाकुर ने संस्कृत दिवस के अवसर पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों से इसे अपने जीवन में अपनाने और इसके संरक्षण के लिए प्रयास करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा से गहराई से जुड़ी हुई है। भाषा के संरक्षण के लिए समाज के स्तर पर जागरूकता और नई पीढ़ी की भागीदारी जरूरी है।
छत्रपाल झा ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में कोटा टैलेंट अकादमी के निदेशक छत्रपाल झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं और सभी गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर समाजसेवी सह अधिवक्ता छबि झा, समीर कुमार झा, सनत कुमार झा, मानानंद ठाकुर, गोविन्द कुमार झा, विवेक कुमार पाठक सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
प्रार्थना के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन प्रार्थना ‘भगवान हमारी ई मिथिला सुख शांति केर घर हो, आदर्श भय सभक ई इतिहास में अमर हो’ के साथ हुआ। संस्कृत दिवस के आयोजन के दौरान भाषा, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया गया।



