रांची विश्वविद्यालय के 39वें दीक्षांत समारोह में 71 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 6,923 छात्रों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। राज्यपाल संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों को संबोधित किया।
Ranchi University Convocation: 71 छात्रों को गोल्ड मेडल, 6,923 को मिली उपाधि…
रांची, 9 सितंबर। रांची विश्वविद्यालय का 39वां दीक्षांत समारोह बुधवार को मोरहाबादी स्थित दीक्षांत मंडप में आयोजित किया गया। समारोह में 71 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और 6,923 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं। कुलाधिपति एवं राज्यपाल संतोष गंगवार, कुलपति प्रो. सरोज शर्मा और विभिन्न संकायाध्यक्षों ने विद्यार्थियों को पदक और उपाधियां प्रदान कीं।
राष्ट्रगीत और कुलगीत की प्रस्तुति से हुआ समारोह का शुभारंभ
दीक्षांत समारोह की शुरुआत परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग के विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान और कुलगीत की प्रस्तुति से हुई। इसके बाद राज्यपाल संतोष गंगवार, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, कुलपति प्रो. सरोज शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया।
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने राज्यपाल और रक्षा राज्यमंत्री को स्मृतिचिह्न एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिथियों ने रांची विश्वविद्यालय की दीक्षांत स्मारिका का भी विमोचन किया।
दो शिक्षाविदों को मानद उपाधि
समारोह में विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA) की कुलपति डॉ. शशिकला वंजारी और आईआईएम कोलकाता के निदेशक प्रो. आलोक राय को मानद उपाधि प्रदान की गई।
दोनों शिक्षाविदों ने रांची विश्वविद्यालय के प्रति आभार जताया और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
समारोह में रांची विश्वविद्यालय के प्रथम पीएचडी धारक प्रो. नवल किशोर अंबष्ठ भी मौजूद रहे।
‘क्षमता का उपयोग देश और समाज के हित में करें’
कुलाधिपति एवं राज्यपाल संतोष गंगवार ने विद्यार्थियों, कुलपति और पूरे विश्वविद्यालय परिवार को उपलब्धियों के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रांची विश्वविद्यालय ने झारखंड के सामाजिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दीक्षांत का अर्थ केवल पढ़ाई पूरी होना नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय से हासिल ज्ञान का उपयोग देश और समाज के विकास में करने की जिम्मेदारी की शुरुआत है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपनी क्षमता का सही उद्देश्यों के लिए उपयोग करने और अवसर तलाशने के बजाय अवसर पैदा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की पहचान उनके शोध, आचरण और समाजहित में किए गए कार्यों से बनेगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि रांची विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत-2047’ के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नए पाठ्यक्रम शुरू
कुलपति प्रो. सरोज शर्मा ने रांची विश्वविद्यालय की 66 वर्षों की उपलब्धिपूर्ण यात्रा को गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के तीन महाविद्यालयों को यूजीसी की ओर से ‘कॉलेज विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस’ (CPE) का दर्जा मिला है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में एमएससी स्टैटिस्टिक्स, एमएससी डाटा साइंस और एमए एजुकेशन जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं और भारतीय ज्ञान परंपरा को भी शिक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया है।
कुलपति ने विश्वविद्यालय में स्थापित वेलनेस सेंटर को भी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि रांची विश्वविद्यालय से निकलने वाले युवा राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
रक्षा राज्यमंत्री ने स्टेट लाइब्रेरी विश्वविद्यालय को सौंपने का किया आग्रह
केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने विद्यार्थियों को विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास भविष्य को आकार देने और राष्ट्र को आगे ले जाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
संजय सेठ ने कुलाधिपति से करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्टेट लाइब्रेरी का संचालन रांची विश्वविद्यालय को सौंपने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शहर के महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित विश्वविद्यालय के दीक्षांत मंडप का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
‘मैं हूं रांची विश्वविद्यालय’ नृत्य-नाटिका ने बांधा समां
समारोह के समापन पर परफॉर्मिंग एंड फाइन आर्ट्स विभाग के विद्यार्थियों ने ‘मैं हूं रांची विश्वविद्यालय’ शीर्षक से नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संजय सिंह, डीएसडब्ल्यू डॉ. सुदेश कुमार साहू, सीसीडीसी, एफओ, एफए, सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, निदेशक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
समारोह का संचालन डॉ. स्मृति सिंह ने किया। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया।



