Solar Eclipse 2026: साल 2026 का आखिरी सूर्यग्रहण 12 अगस्त को लगने जा रहा है। यह साल का अंतिम और पूर्ण सूर्यग्रहण होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में भारत में इसके सूतक काल को लेकर भी लोगों के बीच असमंजस बना हुआ है। आइए जानते हैं सूर्यग्रहण का समय, सूतक काल और यह किन-किन देशों में दिखाई देगा।
12 अगस्त को लगेगा 2026 का आखिरी सूर्यग्रहण
साल 2026 का अंतिम सूर्यग्रहण 12 अगस्त को लगेगा। भारतीय समय के अनुसार ग्रहण की शुरुआत रात 9 बजकर 4 मिनट पर होगी। इसके बाद रात 10 बजकर 18 मिनट पर ग्रहण का खग्रास चरण शुरू होगा। खग्रास सूर्यग्रहण रात 12 बजकर 4 मिनट तक रहेगा, जबकि ग्रहण की पूरी प्रक्रिया रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगी।
Solar Eclipse 2026 Timing: सूर्यग्रहण का समय
| ग्रहण का चरण | भारतीय समय |
|---|---|
| सूर्यग्रहण शुरू | रात 9:04 बजे |
| खग्रास ग्रहण शुरू | रात 10:18 बजे |
| खग्रास ग्रहण समाप्त | रात 12:04 बजे |
| सूर्यग्रहण समाप्त | रात 1:27 बजे |
भारत में नहीं दिखाई देगा सूर्यग्रहण
साल 2026 का यह पूर्ण सूर्यग्रहण भारत से दिखाई नहीं देगा। यही वजह है कि भारत में इस ग्रहण से जुड़े सूतक काल को लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल सामान्यतः वहीं मान्य माना जाता है जहां ग्रहण दिखाई देता है।
Solar Eclipse 2026 Sutak Kaal: भारत में सूतक कब लगेगा?
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, सूर्यग्रहण से करीब 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू माना जाता है। दिए गए विवरण के मुताबिक, 12 अगस्त को सुबह 9 बजकर 4 मिनट से सूतक काल शुरू होगा।
हालांकि, क्योंकि यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं माना जाएगा। ऐसे में मंदिरों में पूजा-पाठ और सामान्य धार्मिक गतिविधियां जारी रखी जा सकती हैं।
अमावस्या पर क्या करें?
यह सूर्यग्रहण अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लोग अपने कुल देवी-देवता का स्मरण और मंत्र जाप भी कर सकते हैं।
ध्यान रहे कि ये बातें धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, जबकि सूर्यग्रहण स्वयं एक खगोलीय घटना है।
किन देशों में दिखाई देगा Solar Eclipse 2026?
यह पूर्ण सूर्यग्रहण दुनिया के कई हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण की दृश्यता यूरोप के अधिकांश देशों, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका, कनाडा और रूस के उत्तर-पूर्वी हिस्सों तक रहेगी।
पूर्ण यानी खग्रास सूर्यग्रहण का दृश्य आर्कटिक, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, अटलांटिक महासागर, उत्तरी स्पेन और पुर्तगाल के सुदूर उत्तर-पूर्वी हिस्सों में दिखाई देगा।
वहीं इसका आंशिक चरण ब्रिटेन, फ्रांस, इटली समेत यूरोप के कई देशों में देखा जा सकेगा।
ज्योतिष में सूर्यग्रहण का क्या महत्व है?
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ सकता है। यह ग्रहण कर्क राशि में होने की बात कही गई है। हालांकि, किसी व्यक्ति पर ग्रहण का प्रभाव उसकी जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर अलग बताया जाता है।
Solar Eclipse 2026: मुख्य बातें
- तारीख: 12 अगस्त 2026
- ग्रहण: पूर्ण सूर्यग्रहण
- भारत में दृश्यता: नहीं
- ग्रहण शुरू: रात 9:04 बजे
- खग्रास शुरू: रात 10:18 बजे
- खग्रास समाप्त: रात 12:04 बजे
- ग्रहण समाप्त: रात 1:27 बजे
- भारत में सूतक: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मान्य नहीं
- दृश्य क्षेत्र: यूरोप, कनाडा, उत्तर-पश्चिमी अफ्रीका और रूस के कुछ हिस्से



