UPI MDR विवाद: राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, BJP ने कहा- ₹2,000 से ऊपर पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं

UPI MDR को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। BJP ने आरोप खारिज किए। जानें ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर अभी क्या नियम हैं। UPI MDR विवाद: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, BJP ने कहा- कोई चार्ज नहीं

UPI MDR को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। BJP ने आरोप खारिज किए। जानें ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर अभी क्या नियम हैं।

UPI MDR विवाद: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, BJP ने कहा- कोई चार्ज नहीं

नई दिल्ली: UPI पर संभावित शुल्क को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाने का रास्ता खोला जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी किसी नए UPI चार्ज की अंतिम घोषणा नहीं की गई है।

राहुल गांधी ने इस मुद्दे को अमेरिकी दबाव से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, BJP ने कांग्रेस के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है।

UPI पर MDR को लेकर क्या है पूरा मामला?

UPI को लेकर हालिया कानूनी बदलाव के बाद इसके संभावित शुल्क को लेकर चर्चा तेज हुई है। संसद में किए गए बदलाव से सरकार को कुछ डिजिटल पेमेंट माध्यमों के शुल्क से संबंधित व्यवस्था तय करने का अधिकार मिला है।

हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि UPI पर अभी कोई नया शुल्क लागू हो गया है।

सरकार की मौजूदा स्थिति के मुताबिक आम ग्राहक से UPI पेमेंट के लिए शुल्क नहीं लिया जाएगा। वहीं, P2P यानी Person-to-Person UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त रहने की बात कही गई है।

₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर क्यों हो रही चर्चा?

मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ₹2,000 से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन संख्या में अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी काफी ज्यादा है।

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा के UPI लेनदेन कुल संख्या में करीब 5% हैं, जबकि कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी लगभग 65% बताई गई है।

यही वजह है कि अगर भविष्य में इस श्रेणी के कुछ मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू किया जाता है, तो इसका असर बड़े मूल्य वाले डिजिटल पेमेंट पर पड़ सकता है।

राहुल गांधी ने UPI शुल्क को लेकर क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि सरकार ने ऐसा रास्ता खोल दिया है, जिससे भविष्य में ₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR लगाया जा सकता है।

राहुल गांधी का तर्क है कि भले ही शुल्क सीधे दुकानदार से लिया जाए, लेकिन कारोबारी अपनी बढ़ी हुई लागत का बोझ आगे ग्राहकों पर डाल सकते हैं।

उन्होंने इस पूरे मामले को अमेरिकी पेमेंट कंपनियों के पुराने रुख से जोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिकी दबाव में आने का आरोप भी लगाया है।

हालांकि, यह राहुल गांधी का राजनीतिक आरोप है और सरकार की ओर से UPI पर इस तरह का कोई अंतिम शुल्क घोषित नहीं किया गया है।

BJP ने राहुल गांधी के दावे को बताया गलत

BJP नेता अमित मालवीय ने राहुल गांधी और कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।

उन्होंने कहा कि ₹2,000 से ऊपर के UPI पेमेंट पर 0.5% टैक्स या चार्ज लगाने का कोई सरकारी आदेश नहीं है। उनके मुताबिक, ₹5,000 के पेमेंट पर ₹25 और ₹10,000 पर ₹50 शुल्क लगने की चर्चा एक काल्पनिक 0.5% दर के आधार पर की जा रही है।

अमित मालवीय के अनुसार, 14 सितंबर की अधिसूचना का उद्देश्य ₹2,000 तक के UPI और RuPay लेनदेन को zero-charge protection देना है।

उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P UPI पेमेंट किसी भी राशि पर मुफ्त हैं। अगर भविष्य में MDR लागू किया जाता है तो वह सीमित मर्चेंट लेनदेन पर लागू होगा, ग्राहक पर सीधे नहीं।

क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर अभी चार्ज लगेगा?

नहीं।

अभी सिर्फ ₹2,000 से ज्यादा का UPI पेमेंट करने पर कोई नया चार्ज लागू नहीं हुआ है। ₹5,000 या ₹10,000 का UPI ट्रांजैक्शन करने से अपने आप 0.5% या कोई अन्य शुल्क नहीं कटेगा।

₹2,000 की चर्चा मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट और संभावित शुल्क व्यवस्था को लेकर है।

MDR क्या होता है?

MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के बदले मर्चेंट या कारोबारी से लिया जाने वाला शुल्क है।

अगर किसी डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर MDR लागू होता है तो आम तौर पर इसका भुगतान मर्चेंट पक्ष से जुड़ा होता है। हालांकि, कारोबारी अपनी लागत बढ़ने पर इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव सामान या सेवाओं की कीमतों पर डाल सकता है।

इसलिए UPI पर संभावित MDR को लेकर ग्राहकों और कारोबारियों दोनों की चिंता सामने आ रही है।

क्या ₹2,001 के हर UPI पेमेंट पर MDR लगेगा?

जरूरी नहीं।

अभी ऐसा कोई अंतिम नियम घोषित नहीं किया गया है कि ₹2,001 या उससे अधिक का हर मर्चेंट UPI पेमेंट MDR के दायरे में आएगा।

अगर भविष्य में MDR लागू करने का फैसला लिया जाता है तो सरकार इसकी सीमा, दर और किन प्रकार के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर यह लागू होगा, इसकी अलग व्यवस्था तय कर सकती है।

क्या दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने पर शुल्क लगेगा?

नहीं। P2P यानी Person-to-Person UPI पेमेंट इस संभावित MDR व्यवस्था से अलग हैं।

इसलिए किसी दोस्त, परिवार के सदस्य या दूसरे व्यक्ति को ₹5,000, ₹10,000 या इससे ज्यादा रकम UPI से भेजने पर इस मुद्दे की वजह से कोई नया शुल्क लागू नहीं हुआ है।

UPI को मुफ्त रखने के लिए सरकार देती है इंसेंटिव

सरकार UPI को बढ़ावा देने और पेमेंट इकोसिस्टम को सपोर्ट करने के लिए इंसेंटिव देती रही है।

अमित मालवीय के मुताबिक, FY22 से FY24 तक सरकार ने क्रमशः ₹1,389 करोड़, ₹2,210 करोड़ और ₹3,631 करोड़ का इंसेंटिव दिया। वहीं, FY2025-26 में करीब ₹2,196.21 करोड़ का इंसेंटिव सपोर्ट दिया गया और FY2026-27 के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

सरकार का तर्क है कि इससे UPI को कम लागत या बिना अतिरिक्त शुल्क के चलाने में मदद मिलती है।

UPI MDR विवाद में अभी क्या साफ है?

फिलहाल इस पूरे मामले में तीन बातें महत्वपूर्ण हैं:

  1. ₹2,000 से ज्यादा UPI पेमेंट पर कोई नया शुल्क अभी लागू नहीं हुआ है।
  2. P2P UPI पेमेंट मुफ्त रहने की बात कही गई है।
  3. भविष्य में चुनिंदा मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होगा या नहीं, इसकी अंतिम व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है।

इसलिए ₹5,000 या ₹10,000 के हर UPI पेमेंट पर 0.5% चार्ज लगने की खबर को फिलहाल सही नहीं माना जा सकता।

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