Jharkhand Ration Distribution: झारखंड में 56.67% राशन वितरण, खूंटी सबसे आगे तो चतरा-गढ़वा पीछे

Jharkhand Ration News 2026: झारखंड में अक्टूबर महीने के राशन वितरण की रफ्तार कई जिलों में धीमी बनी हुई है। 22 अक्टूबर 2026 तक राज्य में कुल आवंटित खाद्यान्न का 56.67 प्रतिशत ही लाभुकों तक पहुंच पाया है। खूंटी में सबसे बेहतर वितरण दर्ज किया

Jharkhand Ration News 2026: झारखंड में अक्टूबर महीने के राशन वितरण की रफ्तार कई जिलों में धीमी बनी हुई है। 22 अक्टूबर 2026 तक राज्य में कुल आवंटित खाद्यान्न का 56.67 प्रतिशत ही लाभुकों तक पहुंच पाया है। खूंटी में सबसे बेहतर वितरण दर्ज किया गया, जबकि चतरा और गढ़वा की स्थिति कमजोर रही। राजधानी रांची में भी वितरण राज्य के औसत से नीचे है।

14.51 करोड़ किलो अनाज में से 8.22 करोड़ किलो वितरित

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत झारखंड के 24 जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 24,967 उचित मूल्य की दुकानें हैं और कुल राशन कार्डधारकों की संख्या 59,83,918 है।

22 अक्टूबर तक 32,89,322 कार्डधारकों को राशन मिलने की जानकारी दी गई है। इस अवधि में चावल और गेहूं मिलाकर कुल 14,51,56,390 किलोग्राम खाद्यान्न आवंटित किया गया था। इसमें से 8,22,59,332 किलोग्राम अनाज का वितरण हुआ।

आंकड़ों के अनुसार, चावल के 11,66,42,251 किलोग्राम आवंटन में से 6,60,68,207 किलोग्राम वितरित किया गया। वहीं, गेहूं के 2,85,14,139 किलोग्राम आवंटन के मुकाबले 1,61,91,125 किलोग्राम का वितरण दर्ज किया गया।

खूंटी में सबसे बेहतर राशन वितरण

जिलावार आंकड़ों में खूंटी का प्रदर्शन सबसे बेहतर बताया गया है। यहां 80.1 प्रतिशत राशन वितरण दर्ज हुआ। जिले के 1,12,080 कार्डधारकों में से 88,672 को राशन मिला। कुल 28,26,930 किलोग्राम खाद्यान्न आवंटन में से 22,64,383 किलोग्राम वितरित किया गया।

जामताड़ा 79.01 प्रतिशत वितरण के साथ दूसरे स्थान पर रहा। यहां 1,51,317 राशन कार्डों में से 1,16,890 कार्डधारकों तक अनाज पहुंचा।

अन्य बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में गुमला में 73.7 प्रतिशत, कोडरमा में 73.84 प्रतिशत, हजारीबाग में 71.61 प्रतिशत, साहिबगंज में 70.87 प्रतिशत और सिमडेगा में 70.36 प्रतिशत राशन वितरण दर्ज किया गया।

चतरा और गढ़वा में सबसे धीमी रफ्तार

राशन वितरण के मामले में चतरा सबसे पीछे रहा। जिले में 37.46 प्रतिशत वितरण दर्ज किया गया। कुल 1,88,347 कार्डधारकों में से 68,669 को ही 22 अक्टूबर तक राशन मिलने की जानकारी दी गई है। जिले में 50,06,795 किलोग्राम खाद्यान्न आवंटित हुआ था, जिसमें से 18,75,741 किलोग्राम वितरित किया गया।

गढ़वा में भी स्थिति कमजोर रही। यहां वितरण का प्रतिशत 38.19 दर्ज किया गया। जिले के 2,61,703 कार्डधारकों में से 96,601 तक ही राशन पहुंचने की जानकारी दी गई है।

पूर्वी सिंहभूम में 40.98 प्रतिशत और पलामू में 45.74 प्रतिशत राशन वितरण दर्ज हुआ। वहीं, गिरिडीह में वितरण का आंकड़ा 48.7 प्रतिशत रहा। इन जिलों में वितरण की गति राज्य के औसत से कम बताई गई है।

रांची में 52.56 प्रतिशत राशन वितरण

राजधानी रांची में भी अक्टूबर महीने के राशन वितरण की स्थिति राज्य के औसत से नीचे रही। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के 5,08,664 राशन कार्डधारकों में से 2,55,289 को राशन मिला और वितरण प्रतिशत 52.56 रहा।

दूसरी ओर, धनबाद में 62.24 प्रतिशत और रामगढ़ में 62.17 प्रतिशत राशन वितरण दर्ज किया गया। बोकारो में 58.26 प्रतिशत, दुमका में 58.07 प्रतिशत और देवघर में 51.73 प्रतिशत वितरण हुआ।

लाभुकों तक समय पर राशन पहुंचाना चुनौती

जिलों के बीच राशन वितरण के आंकड़ों में बड़ा अंतर दिखाई देता है। जहां खूंटी और जामताड़ा में वितरण 79 प्रतिशत से अधिक रहा, वहीं चतरा और गढ़वा में यह 40 प्रतिशत तक भी नहीं पहुंच पाया। ऐसे में कम वितरण वाले जिलों में शेष लाभुकों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना अहम चुनौती है।

हालांकि, 22 अक्टूबर तक के आंकड़े पूरे महीने के अंतिम वितरण की तस्वीर नहीं हैं। महीने के शेष दिनों में वितरण का प्रतिशत बदल सकता है। जिलावार स्थिति और राशन उठाव से जुड़े अद्यतन आंकड़े सामने आने के बाद वास्तविक प्रगति का अधिक स्पष्ट आकलन किया जा सकेगा।


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