27 अक्टूबर से शुरू होगा कार्तिक मास, धार्मिक मान्यता के अनुसार तुलसी पूजा और दीपदान का है विशेष महत्व
नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कार्तिक मास को पूजा-पाठ, दीपदान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए विशेष महत्व वाला महीना माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस साल कार्तिक मास का आरंभ 27 अक्टूबर 2026 से होने जा रहा है।
मान्यता है कि कार्तिक मास में नियमित रूप से तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहता है। इस दौरान तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाने और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा भी बताई गई है।
कार्तिक मास में कैसे करें तुलसी पूजा?
कार्तिक मास में तुलसी पूजन को लेकर कुछ पारंपरिक नियम बताए गए हैं। श्रद्धालु अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इनका पालन कर सकते हैं।
- सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर तुलसी के पौधे की पूजा करें।
- तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएं।
- तुलसी माता की परिक्रमा करें और मंत्रों का जाप करें।
- तुलसी चालीसा या कार्तिक मास के धार्मिक पाठ का पाठ किया जा सकता है।
- इसके बाद भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें।
- भगवान विष्णु के मंदिर में दीपदान करने की भी परंपरा है।
- इस महीने में जरूरतमंदों को दान-पुण्य करने को शुभ माना जाता है।
- भोजन में सात्विकता रखने और संयमित जीवन जीने की धार्मिक मान्यता है।
- अनावश्यक विवाद, निंदा और नकारात्मक व्यवहार से बचने की सलाह दी जाती है।
तुलसी पूजा का क्या है धार्मिक महत्व?
धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है और भगवान विष्णु को तुलसी अत्यंत प्रिय बताई गई है। यही वजह है कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी दल का विशेष महत्व माना जाता है।
कार्तिक मास में तुलसी के सामने दीपक जलाने और नियमित पूजा करने की परंपरा भी इसी धार्मिक मान्यता से जुड़ी है। मान्यता के अनुसार इस दौरान श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।
भगवान विष्णु की पूजा के साथ तुलसी का संबंध
कार्तिक मास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा के साथ तुलसी पूजन करने से पूजा का महत्व और बढ़ जाता है।
श्रद्धालु नियमित रूप से भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करते हैं और तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाते हैं। हालांकि पूजा की विधि अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार अलग हो सकती है।
कार्तिक मास में किन बातों का रखें ध्यान?
कार्तिक मास में पूजा-पाठ के साथ जीवन में संयम और सात्विकता अपनाने की परंपरा बताई गई है। इस दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति को अपने आचरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। किसी की निंदा करने, अनावश्यक विवाद में पड़ने और नकारात्मक व्यवहार से बचने की सलाह दी जाती है।
नोट: ऊपर बताए गए नियम और महत्व धार्मिक मान्यताओं एवं परंपराओं पर आधारित हैं। अलग-अलग संप्रदाय और परिवारों में पूजा की विधि अलग हो सकती है।


