Ranchi News: छठ घाटों पर बांस की बैरिकेडिंग अनिवार्य, पानी में उतरकर तैरने पर रहेगी रोक

दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट, घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश रांची: दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए रांची जिला

दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट, घाटों पर गोताखोरों की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश

रांची: दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए रांची जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। छठ घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे। तालाबों और घाटों पर पानी की गहराई के अनुसार बांस की बैरिकेडिंग की जाएगी। वहीं, छठ घाटों पर तैराकी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। जरूरत के अनुसार एनडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तैनाती भी की जाएगी।

शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में दीपावली, काली पूजा और छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में विधि-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, अग्नि सुरक्षा और विसर्जन की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों और पूजा समितियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।

छठ घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

जिला प्रशासन ने रांची नगर निगम को सभी संबंधित तालाबों और छठ घाटों का पहले से निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। घाटों पर साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित पहुंच मार्ग और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। जरूरत पड़ने पर क्रेन की व्यवस्था करने को भी कहा गया है।

पानी की गहराई को ध्यान में रखते हुए बांस की बैरिकेडिंग की जाएगी, ताकि छठव्रती निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में रहकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दे सकें। घाटों तक पहुंचने वाली सड़कों की मरम्मत और सफाई भी छठ से पहले पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन का जोर इस बात पर है कि भीड़ के दबाव, फिसलन और गहरे पानी के कारण किसी तरह का हादसा नहीं हो। इसके लिए पूजा समितियों के साथ मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की पहले से जांच की जाएगी।

पटाखों की बिक्री और ध्वनि प्रदूषण पर रहेगी नजर

दीपावली और काली पूजा के दौरान प्रतिबंधित एवं असुरक्षित पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है। ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए रात 10 बजे के बाद तेज आवाज पर रोक के नियमों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रखने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन ने पूजा पंडालों में विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। बिजली के सुरक्षित कनेक्शन, तारों की उचित व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।

असुरक्षित पंडाल निर्माण, बिजली से संबंधित लापरवाही या विसर्जन के नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

पूजा समितियों से युवाओं को जोड़ने की अपील

उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने पूजा समितियों से अधिक से अधिक युवाओं को व्यवस्था से जोड़ने की अपील की। उन्होंने व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से जरूरी सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान करने पर भी जोर दिया। इससे भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और आपात स्थिति में संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचाने में मदद मिलेगी।

बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक पारस राणा, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक गौरव गोस्वामी, यातायात पुलिस अधीक्षक राकेश सिंह, सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत, प्रशिक्षु आईएएस आस्था शरण, अपर जिला दंडाधिकारी धनंजय सहित नगर निगम, बिजली विभाग, अग्निशमन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।


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