BRICS Summit 2026 में नई दिल्ली घोषणा जारी हुई। पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई और PM मोदी के भाषण की 5 अहम बातें जानें।
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली घोषणा में आतंकवाद पर सख्त रुख, PM मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें…
BRICS Summit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को BRICS समिट को संबोधित करते हुए कहा कि BRICS किसी देश या समूह के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह सभी देशों को साथ लेकर चलने वाला मंच है। सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति बनी। यह सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है और ईरान, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं।
भारत ने बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए सदस्य देशों के बीच मतभेद दूर करने तथा आम सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई। नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित BRICS सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हुए। वह करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं।

BRICS समिट में 21 देशों के नेता शामिल
BRICS सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत 21 देशों के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच गर्मजोशी देखने को मिली। पीएम मोदी ने शी जिनपिंग का हाथ पकड़कर उन्हें सम्मेलन स्थल की सजावट दिखाई।

BRICS बैठक में वैश्विक शांति, आतंकवाद, व्यापार, परमाणु खतरे, तकनीकी सहयोग और ग्लोबल साउथ की भूमिका जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
BRICS नई दिल्ली घोषणा की 10 अहम बातें

1. पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा
BRICS देशों ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की। घोषणा में हमले में 26 लोगों की मौत का उल्लेख किया गया।
2. आतंकवाद के हर रूप के खिलाफ सख्त रुख
घोषणा में आतंकवाद के सभी रूपों और उसकी हर वजह की निंदा की गई। सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक प्रयास मजबूत करने पर जोर दिया।
3. आतंकवाद को धर्म या समुदाय से न जोड़ने की अपील
BRICS देशों ने आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता या समुदाय से जोड़ने का विरोध किया। घोषणा में कहा गया कि आतंकवाद को किसी धार्मिक या सामाजिक पहचान के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए।
4. सीमा पार आतंकवाद पर कार्रवाई
आतंकवाद, उसकी फंडिंग और आतंकियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। सदस्य देशों ने आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की जरूरत बताई।
5. आतंकियों की जवाबदेही तय करने पर जोर
घोषणा में आतंकियों और आतंकी संगठनों के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की बात कही गई। आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों की जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया गया।
6. संयुक्त राष्ट्र की आतंकरोधी संधि जल्द अपनाने की मांग
BRICS देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर प्रस्तावित संयुक्त राष्ट्र संधि को जल्द अपनाने की मांग की। इसका उद्देश्य आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।
7. BRICS के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने पर सहमति
घोषणा में आपसी सम्मान, संप्रभु समानता, एकजुटता और सहमति से फैसले लेने जैसे BRICS के मूल सिद्धांतों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
8. एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक पाबंदियों पर चिंता
BRICS देशों ने एकतरफा टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों पर चिंता जताई। घोषणा में कहा गया कि ऐसे कदम विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के अनुरूप होने चाहिए।
9. परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे पर चिंता
बढ़ते वैश्विक तनाव और परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरे को लेकर चिंता जताई गई। सदस्य देशों ने वैश्विक शांति और रणनीतिक स्थिरता बनाए रखने की जरूरत बताई।
10. भारत की अध्यक्षता की सराहना
BRICS देशों ने भारत की अध्यक्षता में आयोजित BRICS Plus और आउटरीच संवाद की सराहना की। इन बैठकों को विकासशील देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में अहम बताया गया।
PM मोदी के BRICS भाषण की 5 बड़ी बातें

अगले 20 साल के लिए नया एजेंडा बने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS के अगले 20 वर्षों के लिए नया एजेंडा तैयार करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने फैसलों को जमीन पर लागू करने के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाने की जरूरत भी बताई।
ग्लोबल साउथ की नियम बनाने में बराबर भागीदारी
पीएम मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबरस्पेस, अंतरिक्ष और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों के नियम तय करने में विकासशील देशों की बराबर भागीदारी होनी चाहिए।
युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करें
प्रधानमंत्री ने युवा राजनयिकों और नीति-निर्माताओं को बातचीत, कूटनीति और कानून की ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया। उन्होंने युवाओं को वैश्विक निर्णय प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया।
नाविकों के लिए इमरजेंसी नेटवर्क बने
पीएम मोदी ने संकट में फंसे नाविकों की मदद के लिए देशों के बीच एक इमरजेंसी नेटवर्क बनाने की बात कही। इस नेटवर्क के जरिए नाविकों को इलाज, परिवार से संपर्क और सुरक्षित निकासी में मदद मिल सकेगी।
भविष्य साझा है तो फैसला भी साझा होना चाहिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब दुनिया का भविष्य साझा है, तो उसे तय करने का अधिकार भी सभी देशों के पास होना चाहिए। उन्होंने वैश्विक निर्णय प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की जरूरत बताई।
सात साल बाद भारत पहुंचे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग करीब सात साल बाद भारत पहुंचे हैं। गलवान झड़प के बाद यह उनका पहला भारत दौरा है। BRICS समिट में हिस्सा लेने के बाद शी जिनपिंग की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक प्रस्तावित है।
इस बैठक में भारत-चीन संबंधों, सीमा विवाद, व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
BRICS क्या है?
BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक प्रमुख समूह है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक, कूटनीतिक और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना है। समय के साथ BRICS का विस्तार हुआ है और इसमें कई नए देश शामिल हुए हैं। यह मंच ग्लोबल साउथ की आवाज को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने की दिशा में भी काम करता है।



