नई दिल्ली, 2 अक्टूबर: महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने स्कूली बच्चों से मुलाकात की। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी सहित विभिन्न नेताओं ने नई दिल्ली स्थित राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने गांधी जयंती पर बापू को श्रद्धांजलि देने की जानकारी भी साझा की।
संविधान सदन में बच्चों से मिले मोदी और राहुल
गांधी जयंती के अवसर पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसद संविधान सदन (पुराने संसद भवन) पहुंचे। यहां महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को भी आमंत्रित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बच्चों के एक समूह के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। सामने आए वीडियो में प्रधानमंत्री एक छात्र के कंधे पर हाथ रखकर उससे बातचीत करते नजर आए।
वहीं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी बच्चों के साथ बैठे। राहुल गांधी ने एक बच्ची को अपने मोबाइल फोन पर कुछ दिखाया। इस दौरान राहुल गांधी और बच्ची दोनों मुस्कुराते हुए नजर आए।
राजघाट पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
इससे पहले गांधी जयंती के मौके पर नई दिल्ली स्थित राजघाट पर विभिन्न नेताओं ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल सहित कई नेताओं ने बापू को नमन किया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के विचारों को याद किया था।
आज लाल बहादुर शास्त्री की भी जयंती
2 अक्टूबर को महात्मा गांधी के साथ देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर में दोनों महान नेताओं के योगदान और विचारों को याद किया गया।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
30 दिन के स्वच्छता अभियान का आह्वान
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गांधी जयंती से लेकर 31 अक्टूबर, सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती तक 30 दिनों के राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान में लोगों से भाग लेने की अपील की। अभियान में नागरिकों के साथ सरकारी एवं निजी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और अन्य संगठनों की भागीदारी का आह्वान किया गया है।



