रांची, 4 अगस्त: लेखक एवं सामाजिक कार्यकर्ता विजय मारू ने अपनी चर्चित पुस्तक ‘Never Say Retired – 60 Not Out’ झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को लोक भवन में भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, सम्मानजनक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करने वाली महत्वपूर्ण कृति है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणादायक पहल
राज्यपाल ने कहा कि पुस्तक का संदेश यह है कि उम्र केवल एक संख्या है और अनुभव के साथ व्यक्ति समाज में पहले से अधिक सार्थक योगदान दे सकता है। लेखक विजय मारू ने बताया कि ‘Never Say Retired’ अभियान का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को नई ऊर्जा और आत्मविश्वास के साथ जीवन की दूसरी पारी जीने के लिए प्रेरित करना है।
13 जुलाई को वृंदावन में हुआ था लोकार्पण
इस पुस्तक का लोकार्पण 13 जुलाई को वृंदावन में पूज्य दीदी मां साध्वी ऋतंभरा जी एवं स्वामी गिरिशानंद सरस्वती जी के करकमलों से हुआ था। कार्यक्रम में अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
120 से अधिक लेखों का अनुभव
विजय मारू पिछले कई वर्षों से वरिष्ठ नागरिकों के जीवन, चुनौतियों और संभावनाओं पर नियमित लेखन कर रहे हैं। अब तक वे इस विषय पर 120 से अधिक लेख लिख चुके हैं। इन्हीं में से 60 चयनित लेखों को इस 240 पृष्ठों की पुस्तक में छह विषयगत अध्यायों के रूप में संकलित किया गया है।
पुस्तक का मुख्य संदेश
पुस्तक का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों में यह विश्वास जगाना है कि सेवानिवृत्ति जीवन का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। इसमें स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता, सीखने, समाज सेवा और सकारात्मक जीवनशैली पर आधारित प्रेरक विचार शामिल हैं। साथ ही परिवार और समाज को भी वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी भावनाओं को समझने का संदेश दिया गया है।
अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित
‘Never Say Retired – 60 Not Out’ का अंग्रेजी संस्करण भी प्रकाशित किया गया है, ताकि इसका संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। पुस्तक की प्रस्तावना वरिष्ठ पत्रकार एवं राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने लिखी है।
2021 में शुरू हुआ था अभियान
वर्ष 2021 में शुरू हुए ‘Never Say Retired’ अभियान से आज देशभर के हजारों वरिष्ठ नागरिक जुड़े हुए हैं। अभियान का उद्देश्य उन्हें सक्रिय, सम्मानित और समाज के लिए उपयोगी बनाए रखना है।लेखक विजय मारू ने कहा कि यदि इस पुस्तक से किसी वरिष्ठ नागरिक के जीवन में नई उम्मीद, नया आत्मविश्वास और नई शुरुआत की प्रेरणा मिलती है, तो उनका प्रयास सफल माना जाएगा।
अभियान का मूल संदेश
“हर वरिष्ठ सक्रिय • हर वरिष्ठ सम्मानित • हर वरिष्ठ उपयोगी”



