Patna Bhim Army Protest: पटना में भीम आर्मी के अधिकार मार्च के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच भिड़ंत हो गई। कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए। 85% डोमिसाइल नीति समेत कई मांगें उठीं…
Patna Bhim Army Protest: पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता, कई हिरासत में; 85% डोमिसाइल नीति की मांग
Patna News: बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अधिकार मार्च निकालकर विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मार्च की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से हुई। प्रदर्शनकारियों का कार्यक्रम राजभवन तक मार्च करने का था, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर रखी थी। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च की तैयारी
भीम आर्मी के कार्यकर्ता शनिवार को गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से अधिकार मार्च के लिए जुटे। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी करते हुए राजभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की।
प्रशासन की ओर से गांधी मैदान से लेकर राजभवन की ओर जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान से आगे बढ़ने से रोकने के लिए कई स्तरों में बैरिकेडिंग की थी।
जेपी गोलंबर पर रोके गए प्रदर्शनकारी
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से आगे बढ़ते हुए जेपी गोलंबर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश की।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़कर विरोध जताने लगे। इसी दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों की पुलिसकर्मियों से भिड़ंत हो गई। इसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
150 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जानकारी के मुताबिक, मौके पर 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा तीन स्तर की बैरिकेडिंग की गई थी और सीआरपीएफ के जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था।
प्रदर्शनकारियों की संख्या अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है। ऐसे में मौके पर प्रदर्शनकारियों की तुलना में सुरक्षाकर्मियों की संख्या अधिक नजर आई।
85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति की प्रमुख मांग
भीम आर्मी के अधिकार मार्च में बिहार की सरकारी नौकरियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिहार की सरकारी नौकरियों में राज्य के युवाओं को अधिक अवसर मिलना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई अन्य मुद्दे भी उठाए। इनमें BSSC की आगामी परीक्षाओं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए ऑनलाइन एफआईआर की व्यवस्था तथा सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव
प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश के बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, जबकि कार्यकर्ता राजभवन की ओर मार्च करने की मांग पर अड़े रहे।
बाद में पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रित किया। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।
अधिकार मार्च का क्या रहा असर?
भीम आर्मी की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर यह अधिकार मार्च आयोजित किया गया था। हालांकि, प्रदर्शन में अपेक्षाकृत कम संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने और भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण मार्च का प्रभाव सीमित नजर आया।
फिलहाल पुलिस की ओर से हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की संख्या और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
- बिहार की सरकारी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करना।
- बिहार के युवाओं को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देना।
- BSSC की आगामी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों का समाधान।
- SC/ST के लिए ऑनलाइन FIR की व्यवस्था।
- प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं का समाधान।



