Suryakumar Yadav: टीम से बाहर किए जाने पर पहली बार बोले सूर्या, कहा- ‘नाम नहीं था तो मुस्कुरा दिया’, डेढ़ महीने तक घर पर सोचता रहा

Suryakumar Yadav ने टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। सूर्या ने बताया कि चयनकर्ताओं ने 2-3 दिन पहले फोन कर फैसला बताया था और वह डेढ़ महीने तक इस पर सोचते रहे… Suryakumar Yadav News: भारतीय टी20 टीम के स्टार

Suryakumar Yadav ने टीम इंडिया से बाहर किए जाने पर पहली बार प्रतिक्रिया दी। सूर्या ने बताया कि चयनकर्ताओं ने 2-3 दिन पहले फोन कर फैसला बताया था और वह डेढ़ महीने तक इस पर सोचते रहे

Suryakumar Yadav News: भारतीय टी20 टीम के स्टार बल्लेबाज और कप्तान रहे सूर्यकुमार यादव ने टीम से बाहर किए जाने और कप्तानी से हटाए जाने के फैसले पर पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम से बाहर होना उनके लिए आसान नहीं था। हालांकि, सूर्यकुमार ने कहा कि जब उन्हें टीम में अपना नाम नहीं मिला तो उन्होंने गुस्सा करने के बजाय मुस्कुराना चुना।

सूर्यकुमार यादव ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान चयनकर्ताओं के फैसले, अपनी कप्तानी और भविष्य को लेकर कई बातें साझा कीं।

टीम में नाम नहीं देखकर मुस्कुराए सूर्यकुमार

सूर्यकुमार ने बताया कि जब उन्हें टीम में अपना नाम नहीं मिला तो उनकी पहली प्रतिक्रिया गुस्से की नहीं थी। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों और दबाव के समय वह खुद को शांत रखने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान करते हुए कहा कि उन्हें जो समय भारतीय टीम की कप्तानी करने के लिए मिला, उसके लिए वह आभारी हैं। सूर्या के मुताबिक, फैसला उनके खिलाफ गया, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार किया और टीम के हित को प्राथमिकता दी।

कप्तानी जारी रखने की थी उम्मीद

सूर्यकुमार यादव ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि वह आने वाले वर्षों में भी भारतीय टी20 टीम की कप्तानी करेंगे। उनका मानना था कि 2026 के बाद वह अगले दो वर्षों तक टीम को आगे ले जा सकते हैं।

उन्होंने भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं का भी जिक्र किया। सूर्या को उम्मीद थी कि उनकी कप्तानी में टीम आगे बढ़ेगी और आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी करेगी।

हालांकि, चयनकर्ताओं ने अलग फैसला लिया और श्रेयस अय्यर को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। सूर्यकुमार ने कहा कि चयनकर्ताओं ने अगर यह फैसला टीम के भविष्य के लिए बेहतर समझकर लिया है तो उन्हें इससे कोई शिकायत नहीं है।

विश्व कप और एशिया कप जीतने के बाद लगा झटका

सूर्यकुमार के लिए सबसे मुश्किल बात यह रही कि उनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया था। उनके नेतृत्व में टीम ने कोई सीरीज नहीं गंवाई थी और बड़े टूर्नामेंटों में भी सफलता हासिल की थी।

ऐसे में विश्व कप और एशिया कप जीतने के बाद टीम से बाहर होना उनके लिए निराशाजनक रहा। उन्होंने स्वीकार किया कि इस फैसले को समझने में उन्हें समय लगा।

सूर्यकुमार ने बताया कि करीब डेढ़ महीने तक वह घर पर इस बारे में सोचते रहे। उनके मन में यह सवाल बार-बार आता था कि जब सबकुछ अच्छा चल रहा था तो बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी।

चयनकर्ताओं ने टीम की घोषणा से पहले किया था फोन

सूर्यकुमार ने चयन प्रक्रिया के बारे में भी अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीम की आधिकारिक घोषणा से करीब 2-3 दिन पहले चयनकर्ताओं ने उन्हें फोन करके अपने फैसले की जानकारी दी थी।

सूर्या के मुताबिक, चयनकर्ताओं ने उनसे कहा था कि अब आगे बढ़ने का समय आ गया है। उन्होंने इस बातचीत के दौरान किसी तरह का कड़ा या नकारात्मक रिएक्शन नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने जो भी फैसला लिया होगा, टीम के भविष्य और उसकी बेहतरी को ध्यान में रखकर ही लिया होगा।

‘मुझे कोई शिकायत नहीं थी’

सूर्यकुमार ने साफ किया कि चयनकर्ताओं के फैसले से उन्हें कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं के पास अपनी सोच और योजना होती है और अगर उन्होंने किसी दूसरे खिलाड़ी को भविष्य के लिए बेहतर विकल्प माना है तो उनके फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

उनकी प्रतिक्रिया से यह भी संकेत मिलता है कि सूर्यकुमार फिलहाल विवाद पैदा करने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहते हैं।

पिछले दो साल में बल्ले से संघर्ष बना वजह?

सूर्यकुमार यादव को टीम की कप्तानी से हटाए जाने और बाद में टीम से बाहर किए जाने के पीछे पिछले कुछ समय से उनके बल्ले से अपेक्षित रन नहीं आना एक प्रमुख कारण माना जा रहा था।

हालांकि, उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन मजबूत रहा था। यही वजह थी कि उनके नेतृत्व और बल्लेबाजी के प्रदर्शन को लेकर लगातार चर्चा होती रही।

अब सूर्यकुमार के सामने सबसे बड़ी चुनौती टीम में वापसी करने की होगी। अगर वह घरेलू और अन्य प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो चयनकर्ताओं के सामने उन्हें दोबारा मौका देने का विकल्प बन सकता है।

सूर्यकुमार की वापसी पर रहेगी नजर

सूर्यकुमार यादव लंबे समय से भारतीय टी20 क्रिकेट के अहम खिलाड़ियों में रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और अलग तरह के शॉट्स ने उन्हें टी20 फॉर्मेट में खास पहचान दिलाई है।

अब टीम से बाहर होने के बाद उनकी अगली चुनौती खुद को फिर साबित करना होगी। सूर्यकुमार ने जिस तरह चयनकर्ताओं के फैसले को स्वीकार किया है, उससे साफ है कि वह इस दौर को अपने करियर का अंत नहीं बल्कि एक नई चुनौती के तौर पर देख रहे हैं।

उनका प्रदर्शन आने वाले समय में यह तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि भारतीय टीम में उनकी वापसी कब और किस भूमिका में होती है।

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