West Bengal TMC Symbol Row: ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, बागी गुट को लिफाफा; उपचुनाव से पहले EC का बड़ा फैसला

पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए। ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी और बागी गुट को लिफाफा मिला। West Bengal TMC Symbol Row: ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, बागी गुट को लिफाफा; EC

पश्चिम बंगाल उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने TMC के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न दिए। ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी और बागी गुट को लिफाफा मिला।

West Bengal TMC Symbol Row: ममता गुट को फुटबॉल खिलाड़ी, बागी गुट को लिफाफा; EC का फैसला…

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा उपचुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो गुटों को चुनाव आयोग ने अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न मिला है। वहीं, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है।

यह व्यवस्था फिलहाल अंतरिम है। चुनाव आयोग के अनुसार, दोनों गुटों के बीच मूल पार्टी नाम और चुनाव चिह्न को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है। आयोग ने पहले दोनों पक्षों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और पारंपरिक ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था। <Cite refs={[“turn0news18″,”turn0search8″,”turn0search9”]} />

उपचुनाव में नए नाम और सिंबल से उतरेंगे उम्मीदवार

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। दोनों सीटों पर TMC के दोनों गुट अपने-अपने नए नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ेंगे।

ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने:

  • नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक
  • रेजीनगर से सफीउद्दीन शेख

को उम्मीदवार बनाया है।

वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने पहले ही अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी थी:

  • नंदीग्राम से संचिता प्रधान (डे)
  • रेजीनगर से रबीउल आलम चौधरी

ममता गुट के उम्मीदवारों की घोषणा 14 सितंबर को की गई थी। <Cite refs={[“turn0search7″,”turn0news19”]} />

पहले मूल नाम और चुनाव चिह्न पर लगाई गई थी रोक

चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए दोनों गुटों को ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल-घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया था।

आयोग का कहना था कि दोनों गुट पार्टी के नाम, संगठन और चुनाव चिह्न पर अपना दावा कर रहे हैं। उपचुनाव नजदीक होने के कारण मतदाताओं में भ्रम की स्थिति से बचने के लिए दोनों पक्षों को अस्थायी रूप से अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न देना जरूरी है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला पार्टी के वास्तविक नियंत्रण और मूल चुनाव चिह्न पर अंतिम निर्णय नहीं है। इस मामले में आगे विस्तृत सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

दो गुटों के बीच चल रहा है पार्टी पर अधिकार का विवाद

तृणमूल कांग्रेस में विभाजन के बाद ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों गुट खुद को असली TMC बता रहे हैं। दोनों पक्षों ने चुनाव आयोग के सामने पार्टी के नाम, संगठन और पारंपरिक चुनाव चिह्न पर दावा पेश किया है।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को समान अवसर देने के लिए अंतरिम व्यवस्था लागू की है। अब उपचुनाव में मतदाताओं को दोनों पक्षों के नए नाम और अलग-अलग चुनाव चिह्न दिखाई देंगे।

अंतिम फैसला अभी बाकी

फिलहाल चुनाव आयोग का निर्णय केवल आगामी उपचुनावों के लिए लागू रहेगा। मूल पार्टी नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और पारंपरिक ‘फूल-घास’ चुनाव चिह्न पर अंतिम अधिकार किस गुट को मिलेगा, इसका फैसला आगे की सुनवाई के बाद होगा।


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