रामगढ़, 9 अक्टूबर। मां रूपी सोरेन के निधन के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परिवार की पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार श्राद्ध कर्म की रस्में निभा रहे हैं। गुरुवार को अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री अगले 13 दिनों तक अपने पैतृक गांव नेमरा में रहकर पारिवारिक परंपराओं का पालन करेंगे।
शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री ने पारंपरिक संस्कारों की शुरुआत की। स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार उन्होंने अपने पैतृक आवास पर दिवंगत मां रूपी सोरेन की स्मृति में भोजन अर्पित करने की परंपरा निभाई।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने परिवार की परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अपनी दिवंगत मां से जुड़े पारंपरिक संस्कार पूरे किए। परिवार के सदस्यों ने भी इस प्रक्रिया में सहभागिता निभाई।
कल्पना सोरेन ने तैयार किया भोजन
पारिवारिक परंपरा के तहत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन ने भोजन तैयार कर उन्हें पत्तल पर परोसा। इसके बाद मुख्यमंत्री अपने परिजनों के साथ भोजन लेकर निकले और उसे अपनी दिवंगत मां को अर्पित किया।
मां के निधन के बाद मुख्यमंत्री का नेमरा में रहकर पारंपरिक रस्में निभाना परिवार और स्थानीय रीति-रिवाजों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अगले 13 दिनों तक गांव में रहकर वे श्राद्ध कर्म से जुड़े संस्कारों का पालन करेंगे।



