पलाश मीटिंग हॉल में हुआ सम्मान समारोह, अच्युत सामंत ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का किया आह्वान
रांची में Art of Giving Ratna Samman 2026 समारोह में शिक्षा, खेल, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा और समाजसेवा की 19 विभूतियों को सम्मानित किया गया। देवघर जिला इकाई बनी सर्वश्रेष्ठ…
रांची, 23 अगस्त। आर्ट ऑफ गिविंग, झारखंड यूनिट की ओर से रविवार को डोरंडा स्थित पलाश मीटिंग हॉल में आर्ट ऑफ गिविंग रत्न सम्मान समारोह-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा, साहित्य, पत्रकारिता, चिकित्सा, समाजसेवा और खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 19 विभूतियों को सम्मानित किया गया। वहीं देवघर जिला इकाई को सर्वश्रेष्ठ जिला इकाई के सम्मान से नवाजा गया।

समारोह के मुख्य अतिथि KIIT एवं KISS के संस्थापक प्रो. डॉ. अच्युत सामंत थे। राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। मौके पर शेखर बोस, प्रो. डॉ. गगनेंदु दास, सुनील सहाय, उत्तम राज सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सेवा और सहयोग से समाज में बदलाव का संदेश
स्वागत भाषण में शेखर बोस ने आर्ट ऑफ गिविंग की विचारधारा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सेवा, समर्पण और सहयोग के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित करना समाज के लिए प्रेरणादायक है। इससे नई पीढ़ी को समाजसेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है।
झारखंड में KISS की इकाई खोलने का आग्रह
राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ माजी ने आर्ट ऑफ गिविंग के सेवा और मानवता के कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। विशेषकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों में अपार प्रतिभा है। जरूरत है उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, आवासीय सुविधा और बेहतर अवसर देने की।
उन्होंने मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अच्युत सामंत से झारखंड में KISS की इकाई स्थापित करने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी संस्था हजारों जरूरतमंद और प्रतिभाशाली बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय ने सभी सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा, साहित्य, खेल, चिकित्सा, पत्रकारिता और समाजसेवा से जुड़े लोग समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आर्ट ऑफ गिविंग के इस प्रयास की सराहना की।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में भागीदारी की अपील
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अच्युत सामंत ने कहा कि जीवन की सफलता का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। सेवा और सहयोग की भावना से ही बेहतर समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, खेल, अनुशासन और सामाजिक सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इन्हें मिला आर्ट ऑफ गिविंग रत्न सम्मान
सम्मानित होने वालों में डॉ. महुआ माजी (साहित्य), प्रो. डॉ. सरोज शर्मा (शिक्षा), हरभजन सिंह (बास्केटबॉल), सुरेंद्र पांडेय (समाजसेवा), विजय पाठक (पत्रकारिता), डॉ. पीजी सरकार (कार्डियोलॉजी), डॉ. कामिनी कुमार (शिक्षा), संतोष कुमार (शिक्षा), धीरसेन ए. सोरेंग (स्कूल गेम्स), शिवेंद्र नाथ दुबे (वुशु), शिवेंद्र कुमार सिंह (खेल प्रशासन), सुभाष चंद्र डे (वरिष्ठ खेल पत्रकारिता), समुराई टेटे (हॉकी), डॉ. रामजी यादव (शिक्षा), सुनील कुमार सहाय (खेल प्रशासन), जय कुमार सिन्हा (क्रिकेट), संजय कुमार (वॉलीबॉल), डॉ. चमन कुमार सिंह (साहित्य) और डॉ. निशिकांत पाठक (खेल प्रशासन) शामिल रहे।
इसके अलावा आर्ट ऑफ गिविंग की देवघर यूनिट को सर्वश्रेष्ठ जिला इकाई के सम्मान से सम्मानित किया गया।
समारोह में अतिथियों ने आर्ट ऑफ गिविंग के सेवा, मानवता और सहयोग के संदेश की सराहना की। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग से जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की।
धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सुनील सहाय ने कहा कि सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना को जन-जन तक पहुंचाना आर्ट ऑफ गिविंग का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित किया जाएगा।


