देवघर में सैन्य सेवा संपर्क मेले के समापन समारोह में हुए शामिल, राज्यपाल संतोष गंगवार ने ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों के साहस और संकल्प को सराहा
देवघर, 10 अक्टूबर: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहते हैं, इसलिए उनके कल्याण और उनके परिवारों की देखभाल करना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों को सम्मान, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन सहायता तथा अन्य कल्याणकारी सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति शनिवार को देवघर के दर्दमारा स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल परिसर में भारतीय सेना की ओर से आयोजित सैन्य सेवा संपर्क मेले के समापन समारोह में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और गोड्डा के सांसद डॉ. निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे। मेले का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिवारों को विभिन्न सेवाओं तथा सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना था।
सैनिकों के बलिदान का सम्मान राष्ट्रीय दायित्व
उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक भारत की संप्रभुता, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा करते हैं। ऐसे में सैनिकों के बलिदान का सम्मान करना और उन्हें आवश्यक सहयोग तथा सुविधाएं उपलब्ध कराना राष्ट्रीय प्रतिबद्धता का हिस्सा होना चाहिए।
उन्होंने झारखंड की सैन्य सेवा और बलिदान की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख करते हुए परमवीर चक्र विजेता लांस नायक अल्बर्ट एक्का तथा राज्य के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उपराष्ट्रपति ने मेले में उपलब्ध सेवाओं का निरीक्षण भी किया और एकल-खिड़की यानी सिंगल-विंडो व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को समय पर सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेंशन सेवाएं और शिकायतों के त्वरित समाधान उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
ऑपरेशन सिंदूर में सैनिकों के साहस की सराहना
समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों ने इस अभियान में साहस, शौर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। यह देश की सुरक्षा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राज्यपाल ने कहा कि भारत शांति और सह-अस्तित्व में विश्वास करता है, लेकिन देश की संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों का सम्मान, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण प्राथमिकता के विषय हैं।
पूर्व सैनिकों और वीर नारियों तक योजनाएं पहुंचाने पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि सैन्य सेवा संपर्क मेले जैसे आयोजन पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके परिजनों से सीधे संवाद करने का अवसर देते हैं। इनके माध्यम से उनकी जरूरतों को समझने और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
उन्होंने स्थानीय सांसद डॉ. निशिकांत दुबे, बाबा बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल और आयोजन से जुड़े सहयोगियों के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल के अनुसार, ऐसे आयोजन सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
उन्होंने युवाओं से सैनिकों के अनुशासन, साहस, संयम और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों तक सीमित नहीं है। प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा से पालन कर देश के विकास में योगदान दे सकता है। सैनिकों की सेवा और उनके परिवारों की सहायता करना भी राष्ट्रसेवा का एक महत्वपूर्ण रूप है।
उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
उपराष्ट्रपति के देवघर दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस सतर्क रहे। एयरपोर्ट से लेकर एम्स, बैद्यनाथ मेडिकल ट्रस्ट अस्पताल और दर्दमारा स्थित कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की।



