नई दिल्ली, 8 अक्टूबर: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR को लेकर विपक्षी दलों का दिल्ली में विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। INDIA ब्लॉक के नेताओं और सांसदों ने लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से आयोजित लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेता राजघाट के लिए रवाना हुए।
विपक्षी दलों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। विपक्ष CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा है। चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर पिछले दिनों दिल्ली में लगातार विरोध प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत की घटनाएं भी सामने आई हैं।
राजघाट पर भारी पुलिस बल तैनात
राजघाट पर विपक्षी नेताओं के पहुंचने को देखते हुए पुलिस की भारी तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के साथ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर केंद्रीय सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती भी की गई है।
खड़गे ने कहा कि विपक्षी नेता राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे और प्रार्थना करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहता है और उनके साथ बड़ी संख्या में सांसद हैं।
राहुल गांधी बोले- प्रदर्शन से रोकने का आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष को धरना देने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
इससे एक दिन पहले भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों को दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया था। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई लोगों के खिलाफ पुलिस ने FIR भी दर्ज की है।
SIR को लेकर विपक्ष और चुनाव आयोग आमने-सामने
विपक्ष SIR की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की अनुमति नहीं मिलने का भी आरोप लगाया है।
इसी बीच, भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा SIR से जुड़े कुछ फैसलों पर आपत्ति जताए जाने का उल्लेख किया गया है। इन दावों को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है।
विपक्ष का कहना है कि जब तक CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ उठाए गए सवालों पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, तब तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, इन राजनीतिक आरोपों और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विवादों पर अंतिम स्थिति संबंधित संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रियाओं से स्पष्ट होगी।
देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन
दिल्ली के अलावा कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं-कार्यकर्ताओं ने कई राज्यों में भी प्रदर्शन किए। राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और अन्य स्थानों पर CEC के इस्तीफे और SIR के विरोध में मार्च व प्रदर्शन की खबरें सामने आईं।
दिल्ली में विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन के कारण मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित होने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने की भी सूचना है।



