Delhi SIR Protest: दिल्ली में SIR के खिलाफ प्रदर्शन के लिए बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास सैकड़ों लोग जुटे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोकते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया।
नई दिल्ली: दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ शुक्रवार को बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के पोस्टर लेकर पहुंचे और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘ज्ञानेश कुमार गद्दी छोड़ो’ जैसे नारे भी लगाए गए।
प्रदर्शन का आह्वान पीपल अगेंस्ट SIR और छात्र संगठन AISA की ओर से किया गया था। आयोजकों ने बंगला साहिब गुरुद्वारे से चुनाव आयोग कार्यालय तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और कई लोगों को हिरासत में ले लिया।
बंगला साहिब और जंतर-मंतर के आसपास पुलिस की तैनाती
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने बंगला साहिब और जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। पुलिस की ओर से ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
प्रदर्शन स्थल पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शनकारी मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी।
एनी राजा भी प्रदर्शन में शामिल
प्रदर्शन में CPI नेता एनी राजा भी शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए इस तरह के विरोध जरूरी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर SIR को लेकर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ अपनी बात रखी।
प्रदर्शन में वामपंथी संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा लिए नजर आए। कुछ लोग ढपली लेकर भी प्रदर्शन में पहुंचे।
‘पीपल अगेंस्ट SIR’ का पिछले सप्ताह हुआ गठन
प्रदर्शन के आयोजकों के अनुसार, SIR के विरोध को एकजुट करने के लिए पीपल अगेंस्ट SIR मंच का गठन पिछले सप्ताह किया गया था। इसमें नागरिकों के साथ किसान, मजदूर, महिला और युवा संगठनों को जोड़ने का दावा किया गया है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया
मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया और कई लोगों को हिरासत में लिया। महिला प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस वाहनों में बैठाया गया। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
सौरव दास और आशुतोष रांका को लेकर भी विवाद
SIR विरोध प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पुलिस और CJP से जुड़े नेताओं सौरव दास तथा आशुतोष रांका के बीच भी विवाद चल रहा है। दोनों नेताओं के खिलाफ जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस में बिना अनुमति प्रदर्शन से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।
पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था, लेकिन वे पूछताछ में शामिल नहीं हुए और अतिरिक्त समय मांगा था। इससे पहले दोनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत से 50-50 हजार रुपये के बॉन्ड पर रिहाई मिली थी।
वहीं, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा की ओर से दिल्ली पुलिस के एक नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका भी अदालत में विचाराधीन है। पुलिस ने उनसे शांति बनाए रखने के लिए निजी मुचलका और जमानतदार देने को कहा था।
SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस
SIR को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच बहस जारी है। विपक्षी दल और विरोध करने वाले संगठन मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया को लेकर अपने पक्ष और नियम स्पष्ट किए जाते रहे हैं। दिल्ली का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विवाद की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।



